Thu. Oct 29th, 2020

सुनु सुनु यौ सरकार

  • काशीकांत झा

सुनु सुनु यौ सरकार
जगमे अपन नाम हसाओल कयल कुटिल प्रहार

रहि रहि तेहन बात उठेलउ सबके नाक कटाओल
देश विदेशमे अपन पुरना सब पहिचान मेटाओल
बाजके मुह रहल नई कतहु कयल एहन प्रचार
सुनु सुनु यौ सरकार

पढल लिखल नई सब बुझइय छी आठममे फेल
धोखासँ आँहा कुर्सी पाबिक करइछी सबटा खेल
सगरोलोक बुझइय आँहाँ छी मानसिक बिमार
सुनु सुनु यौ सरकार

आब सहन नई करत जनता उठि रहल उदवेग
सम्हरत नई पाछु से बुझब जनता सबके आबेग
अपने बातसँ खाधिमे परब करु नई तेहन विचार
सुनु सुनु यौ सरकार

देशक मुखिया जकर आँहाँसन भेटत कि संदेश
गणतन्त्रक मर्म नई बुझल देल केहन उपदेश
समय समयपर दइछी अपने बिवादित समचार
सुनु सुनु यौ सरकार