Thu. Oct 29th, 2020

माननीय मुख्यमंत्री राउतजीके नाम खुल्ला-पत्र: अधिवक्ता उमेश कुमार यादव

माननीय मुख्यमन्त्रीजी
प्रदेश नं. २
मुख्यमंत्री सचिवालय
अस्थायी राजधानी,जनकपुरधाम

श्रध्देय, भलमानुस
सुनैछी, बुझ चाहैछी अपनेके समागमे बदहजमी बढैतछ
हजम कराबके उपाय खोजइछी। शान्ती, सुरक्षा आ सुशासन कायम कराबमे कमजोरीके सुधार चाहैछी। अबेर किय, हम सवेरे चाहैछी। करोनासँ बच, बचाबके काजमे पौराणिकता नै आधुनिक सुविधा हम खोजैछी।
हे, जिन्दगी जान बचतै त भ्रष्टाचारीक कारवाही सेहो देख चाहैछी।

चमच, काँटा कहादुनी ऐल्चा, बैलचा सेहो होइतछ, ओकर बोल अनमोल होइत अछी तै,ओकर सदुपयोग होय त निक हमरा बुझाइय ।

सूचना,संचार आ विचार अभिव्यक्तिके स्वतन्त्रता पर अंकुस राजा महाराजा आ एकात्मक स्वेच्छाचारी सरकार सभक हतियार मानल जाइत अछि।

लोकके विश्वास प्रादेशिक सरकार पर सँ उठैत जाइत अवस्थामे प्रेसके समुचित सदुपयोग नहि क ओकर स्वतन्त्रा पर हस्तक्षेप लोकके मान्य नहि होयत से जनतव करब चाहैछी । सामाजिक न्यायके माँग,जातिय विभेद,सामप्रदायिकता,स्वास्थ्य व्यवस्था,शान्ती तथा सामाजिक सुरक्षा लगायतक विषय संगे जनसरोकारके शिक्षा, दलित, महिला आ बालबालिका के हितके संरक्षण करमे प्रदेश सरकार कमजोर देखल गेलास भय, त्रासके वातावरण सृजित होइत जारहल समय परिस्थिती के काबुमे करलेल सम्बोधन हमरा जरुरी बुझ पडैतछ ।

सम्बोधनसंगे कार्यान्वयन यथाशिघ्र होव चाहि से अनुरोध । वर्तमान परिस्थिती ,महामारी से सृजित अवस्थामे प्रादेशिक सरकारके अपन दायरा अछि मुदा लोक कल्याणकारी,समृध्द समाजक परिकल्पना तत्काले पूरा करलेल जादुके छडी घुमाबलेल हम नहि कहैछी। अपनेके कार्यकालमे आधारशिला तैयार होय से शुभकामना।

सचेत नागरिक
अधिवक्ता उमेश कुमार यादव

umesh.yadav41@gmail.com